Covid-19 updates Patna : पटना के डॉक्टर दंपति ने फोन पर किया 300 से अधिक कोरोना मरीजों का इलाज

Covid-19 updates Patna :बिहार की राजधानी पटना के सभी डॉक्टर covid -19 की महामारी से संक्रमण के नाम सुनते ही इलाज करने से पीछे हटने लगते थे.और वही दूसरी तरफ पटना के ही एक डॉक्टर (दंपति )ऐसे भी है, जिन्होंने 300 से अधिक covid -19 से संक्रमितों का उपचार कर उन्हें संक्रमण छूट दिलाई है

Covid-19 updates Patna : पटना के डॉक्टर दंपति ने फोन पर किया 300 से अधिक
Covid-19 updates Patna : पटना के डॉक्टर दंपति ने फोन पर किया 300 से अधिक कोरोना मरीजों का इलाज

जबकि , इस दौरान डॉक्टर और उनका बेटा दोनों खुद भी covid -19 से संक्रमित हो गए, परन्तु फिर भी डॉक्टर ने मोबाइल फ़ोन पर उपचार करना जारी रखा. और आश्चर्य की बात यह है कि कोरोना संक्रमितों का इलाज किसी अस्पताल में नहीं, जबकि होम आइसोलेशन रख कर किया गया था .

आपको बता दे की या बात बात हम कर रहे है बिहार की राजधानी पटना के कंकड़बाग के इलाके में डाइग्नोस्टिक सेंटर को चलाने वाले डॉक्टर प्रभात रंजन और उनकी वाइफ डॉक्टर रूपम की. इस डॉक्टर ने अपनी सूझबूझ और विभिन्न जगहों से जानकारी एकत्रित कर 300 से अधिक लोगों की जान बचाई. और ऐसे गंभीर समय में जब पटना के कई डॉक्टर और निजी अस्पताल कोरोना संक्रमित के लोगो को भगा रहे थे, और उस कठिन समय में कम संसाधनों के बावजूद अपनी और अपने घरवालों की जान को जोखिम में डाल कर इस डॉक्टर ने सड़कों पर पीड़ितों का इलाज किया.

मिले हुए सूत्रों के मुताबिक, covid -19 की जांच के लिए लोग उनके पास लगातार आ रहे है . जबकि , तब प्राइवेट लैब्स को जांच करने की अनुमति नहीं मिली थी. और उसके बाद में, उन्होंने IGG टेस्ट करना स्टार्ट कर दिया. इस टेस्ट से ये पता लगाया जा सकता था कि लोग कोरोना पॉजिटिव होकर ठीक हो गया है और वो खतरे से बाहर है.

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पटना के डॉक्टर प्रभात सब लोगो को घर में ही आइसोलेशन में रहने की अड्वाइज़ देते रहे और मोबाइल पर ही वॉट्सएप मैसेज, टेक्स्ट मैसेज और कॉल्स के जरिए लोगो का इलाज करते है . 99 परसेंट लोग ठीक हो गए. और अब पटना में डॉक्टरों के बीच यह बहस चल रही है कि गवर्नमेंट के बनाए आइसोलेशन सेंटर या कोविड हॉस्पिटल में सारी सुविधाएं हैं

परन्तु उसके बाद भी वहां कोरोना से पीड़ित लोगो की मौत क्यों हो रही है. ज्यादातर डॉक्टरों का कहना है कि पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार और तिरस्कार किया जा रहा है, यही वजह है की मौतें हो रही हैं. अपने घर और परिवार के बीच रहने से दवा भी अधिक असर करती है.

डॉक्टर्स क्या कहते है इसके बारे में

डॉक्टर सहजानंद का कहना है कि HOME आइसोलेशन मरीजों के सफल पूर्वक स्वस्त होने में बाकि इंस्टिट्यूशनल की तुलना में अधिक प्रभावी है. COVID -19 के संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर सहजानंद, प्रभात रंजन को प्रेरणा स्रोत बताते हैं. वहीं,डॉक्टर जितेंद्र सिंह का कहना है कि मरीजों को अस्पताल उसी वक्त जाना चाहिए, जब उनकी स्वास्त गंभीर हो.

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