हैरिस और पेंस में तीखी बहस, कमला ने कहा- कोविड-19 से निपटने में नाकाम रहा ट्रंप प्रशासन

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के लिए पहली और एकमात्र चुनावी बहस यूटा स्थित सॉल्ट लेक सिटी में डेमोक्रेटिक प्रत्याशी कमला हैरिस और रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक पेंस के बीच हुई। राष्ट्रपति पद के लिए हुई बेकाबू बहस की तुलना में यह डिबेट ज्यादा सभ्य रही। इसमें वायरस, चीन नीति, रोजगार और सेहत की देखभाल पर तीखी बहस की गई। 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस और भारतवंशी सीनेटर कमला हैरिस ट्रंप प्रशासन की कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों पर भिड़ गए जिसमें पेंस ने व्हाइट हाउस का बचाव किया जबकि हैरिस ने पेंस पर तीखा हमला किया।

हैरिस ने कोविड-19 से निपटने के ट्रंप प्रशासन के तरीके को देश के ‘इतिहास में किसी भी प्रशासन की सबसे भयावह नाकामी’ करार दिया। पेंस ने दावा किया कि राष्ट्रपति के पास लोगों की रक्षा के लिए बेहतर योजना रही है और उन्होंने हर बार जलवायु परिवर्तन पर भी विज्ञान का पालन करने की बात कही है।

माइक पेंस ने महामारी के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया और वायरस से निपटने के लिए अमेरिकी प्रशासन की सराहना की। इस बीच, व्हाइट हाउस में पृथक-वास में रह रहे ट्रंप ने बहस में पेंस के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए ट्वीट किया, ‘पेंस अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वह (हैरिस) चूक करने वाली मशीन हैं।’

एक मक्खी ने जीती उपराष्ट्रपति पद की पहली बहस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद की बहस के दौरान रिपब्लिकन प्रत्याशी माइक पेंस के सिर पर बैठी एक मक्खी ने सबका ध्यान खींच लिया। सिर पर बैठी मक्खी का पेंस को पता नहीं चला और वे बोलते रहे और वह उनके सिर पर कुछ मिनट तक बैठी रही।

इस पर ट्विटर यूजरों ने कहा, इस बहस को कोई जीता हो या नहीं, लेकिन एक मक्खी ने इस डिबेट को जीत लिया।

इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने जबरदस्त चुटकियां लीं। कुछ यूजरों ने कहा पेंस के सफेद बालों में मक्खी इतनी हाइलाइट हो रही है कि उनकी बातों से ध्यान हट रहा है। कुछ ने यहां तक कहा कि मक्खियां कचरे से आकर्षित होती हैं।

डेमोक्रेटों ने कहा, चूंकि पेंस देश में संस्थागत नस्लभेद और रंगभेद के आरोप खारिज करते रहे हैं इसलिए मक्खी उनका झूठ पकड़ने के लिए सिर पर बैठी है। कुछ ही देर में ट्विटर पर माइक पेंस ट्रैंड करने लगे। कई ने सवाल किया कि इतने बड़े इवेंट के लिए क्या पेस्ट-कंट्रोल नहीं कराया गया था। 

यदि ट्रंप कहेंगे वैक्सीन लो, तो कभी नहीं लूंगी : हैरिस

भारतवंशी कमला हैरिस से जब कोरोना वैक्सीन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, वे सिर्फ वैज्ञानिकों पर यकीन करेंगी, ट्रंप के बयान पर नहीं। हैरिस ने कहा, यदि डॉक्टर इसे लेने को कहेंगे तो मैं कतार में सबसे पहले खड़ी रहूंगी और वैक्सीन लूंगी। लेकिन यदि ट्रंप कहते हैं कि वैक्सीन लेनी चाहिए तो मैं उसे नहीं लूंगी।

इस पर पेंस ने कहा कि यह हद से ज्यादा है, लोगों की जिंदगी के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए।

बिडेन जीते तो फ्री टीका योजना

कमला हैरिस ने संकट से निपटने की अपनी योजना के बारे में कहा कि राष्ट्रपति पद के चुनाव में यदि बिडेन की जीत हुई तो उनका प्रशासन संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाएगा, जांच करेगा, टीकाकरण करेगा और उसकी नि:शुल्क उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। 

टैक्स चोरी का मुद्दा भी उठा

इस बहस के दौरान कोरोना संक्रमण को देखते हुए दोनों उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के सामने शीशे लगाए गए थे। दोनों के बीच 12 फुट की दूरी थी। डिबेट में ट्रंप के टैक्स चोरी का मुद्दा भी उठा। हैरिस ने कहा कि वे ऐसा राष्ट्रपति चाहेंगी जो कर चोरी ना करे और यह जानना भी जरूरी है कि ट्रंप के पास किसका पैसा है। जबकि पेंस ने ओबामाकेयर को लेकर सवाल खड़े किए और उसे त्रासदी बताया। 

मेरी बीमारी ‘भगवान का आशीर्वाद’, चीन को कीमत चुकानी होगी : ट्रंप

हाल ही में कोरोना वायरस से ठीक होकर व्हाइट हाउस लौटे राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने वायरस से संक्रमित होने को ‘भगवान का आशीर्वाद’ बताया। ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में ट्रंप ने बताया कि वो अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और बीमारी के असर से उबर चुके हैं। अमेरिकियों को मुफ्त वैक्सीन का भरोसा दिलाते हुए ट्रंप ने फिर दोहराया कि यह वायरस चीन की गलती है और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कोविड-19 महामारी के लिए चीन को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, मुझे जो भी दवा मिली है, मैं उसे आपके लिए भी लेना चाहता हूं और मैं इसे मुफ्त देने जा रहा हूं। यह आपकी गलती नहीं है कि यह हुआ, यह चीन की गलती थी, और चीन को इसके लिए एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

इस देश में चीन जो कुछ किया और इस दुनिया में उसने जो किया वह बहुत गलत है। ट्रंप ने उन्हें हुए संक्रमण को यह कहकर ‘भगवान का आशीर्वाद’ बताया कि इसने उन्हें बीमारी के इलाज के लिए संभावित दवाओं के बारे में शिक्षित किया।

 

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