प्याज की दो किस्मों के निर्यात को केंद्र सरकार ने दी सशर्त मंजूरी

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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Up to date Sat, 10 Oct 2020 12:56 AM IST

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सरकार ने शुक्रवार को प्याज की दो किस्मों बंगलोर रोज और कृष्णापुरम के निर्यात को सशर्त मंजूरी दे दी है। हालांकि, प्याज की अन्य किस्मों के निर्यात पर अब भी प्रतिबंध है। घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने प्याज की सभी किस्तों के निर्यात पर 14 सितंबर को पाबंदी लगा दी थी। 

डीजीएफटी ने जारी की अधिसूचना, निर्यातकों को लेना होगा प्रमाणपत्र

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, कुछ शर्तों के साथ 31 मार्च, 2021 तक बंगलोर रोज एवं कृष्णापुरम प्याज के 10,000 टन तक निर्यात किया जा सकता है। निर्यात सिर्फ चेन्नई बंदरगाह के जरिए होगा। अधिसूचना के अनुसार, बंगलोर प्याज के निर्यातक को हॉर्टिकल्चर कमिश्नर से एक प्रमाणपत्र लेना होगा, जबकि कृष्णापुरम प्याज के निर्यातकों को आंध्र प्रदेश सरकार से प्रमाणपत्र लेना होगा।

घरेलू बाजार में बंगलोर प्याज की मांग नहीं होने के कारण कर्नाटक के किसानों ने केंद्र सरकार से इसके 10,000 टन निर्यात को मंजूरी देने की अपील की थी। प्याज के इस किस्म की मांग मलयेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और ताइवान जैसे दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में है। आमतौर पर आकार और तीखेपन की वजह से कृष्णपुरम प्याज की खपत भारत में नहीं होती है। थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग, मलयेशिया, श्रीलंका और सिंगापुर इसका आयात करते हैं।

सरकार ने शुक्रवार को प्याज की दो किस्मों बंगलोर रोज और कृष्णापुरम के निर्यात को सशर्त मंजूरी दे दी है। हालांकि, प्याज की अन्य किस्मों के निर्यात पर अब भी प्रतिबंध है। घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने प्याज की सभी किस्तों के निर्यात पर 14 सितंबर को पाबंदी लगा दी थी। 

डीजीएफटी ने जारी की अधिसूचना, निर्यातकों को लेना होगा प्रमाणपत्र

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, कुछ शर्तों के साथ 31 मार्च, 2021 तक बंगलोर रोज एवं कृष्णापुरम प्याज के 10,000 टन तक निर्यात किया जा सकता है। निर्यात सिर्फ चेन्नई बंदरगाह के जरिए होगा। अधिसूचना के अनुसार, बंगलोर प्याज के निर्यातक को हॉर्टिकल्चर कमिश्नर से एक प्रमाणपत्र लेना होगा, जबकि कृष्णापुरम प्याज के निर्यातकों को आंध्र प्रदेश सरकार से प्रमाणपत्र लेना होगा।

घरेलू बाजार में बंगलोर प्याज की मांग नहीं होने के कारण कर्नाटक के किसानों ने केंद्र सरकार से इसके 10,000 टन निर्यात को मंजूरी देने की अपील की थी। प्याज के इस किस्म की मांग मलयेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और ताइवान जैसे दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में है। आमतौर पर आकार और तीखेपन की वजह से कृष्णपुरम प्याज की खपत भारत में नहीं होती है। थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग, मलयेशिया, श्रीलंका और सिंगापुर इसका आयात करते हैं।

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