जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) बिल लोकसभा में पास, अमित शाह ने कहा- यादगार क्षण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Up to date Tue, 22 Sep 2020 10:12 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for simply ₹299 Restricted Interval Provide. HURRY UP!

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

लोकसभा में मंगलवार को जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) बिल पास हो गया। बिल पास होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए यादगार क्षण है। 

अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) विधेयक का लोक सभा में पारित होना जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इस ऐतिहासिक बिल से जम्मू कश्मीर  के लोगों का लंबे समय से प्रतीक्षित सपना सच हो गया है! कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी अब जम्मू कश्मीर की आधिकारिक भाषाएं होंगी।’

गृह मंत्री ने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘इस अभूतपूर्व विधेयक के माध्यम से ‘गोजरी’, ‘पहाड़ी’ और ‘पंजाबी’ जैसी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए विशेष प्रयास किया जाना भी प्रस्तावित है। साथ ही इस बिल से जम्मू कश्मीर कला, संस्कृति तथा भाषा अकैडमी जैसे अन्य वर्तमान संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।’

इसके अलावा उन्होंने अपने तीसरे ट्वीट में कहा, ‘यह बिल जम्मू-कश्मीर की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कटिबद्धता को दर्शता है, इसके लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही मैं जम्मू-कश्मीर के बहनों और भाइयों को विश्वास दिलाता हूं कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के गौरव को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।’

लोकसभा में मंगलवार को जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) बिल पास हो गया। बिल पास होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए यादगार क्षण है। 

अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) विधेयक का लोक सभा में पारित होना जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इस ऐतिहासिक बिल से जम्मू कश्मीर  के लोगों का लंबे समय से प्रतीक्षित सपना सच हो गया है! कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी अब जम्मू कश्मीर की आधिकारिक भाषाएं होंगी।’

गृह मंत्री ने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘इस अभूतपूर्व विधेयक के माध्यम से ‘गोजरी’, ‘पहाड़ी’ और ‘पंजाबी’ जैसी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए विशेष प्रयास किया जाना भी प्रस्तावित है। साथ ही इस बिल से जम्मू कश्मीर कला, संस्कृति तथा भाषा अकैडमी जैसे अन्य वर्तमान संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा।’

इसके अलावा उन्होंने अपने तीसरे ट्वीट में कहा, ‘यह बिल जम्मू-कश्मीर की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कटिबद्धता को दर्शता है, इसके लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही मैं जम्मू-कश्मीर के बहनों और भाइयों को विश्वास दिलाता हूं कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के गौरव को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।’

<!– if((isset($story['custom_attribute']) && $story['custom_attribute']=='outcomes') && (isset($story['custom_attribute_value']) && $story['custom_attribute_value']=='2020'))

10वीं और 12वीं बोर्ड का रिजल्ट सबसे पहले जानने के लिए नीचे दिए गए फॉर्म को भरें और अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं।

endif –>

Source link

Spread the love

Leave a Comment